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EXTRAORDINARY
Hkkx I—[k.M 1
PART I—Section 1
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PUBLISHED BY AUTHORITY
la- 18] ubZ fnYyh] cq/okj] tuojh 10] 2018@ikS"k 20] 1939
No. 18] NEW DELHI, WEDNESDAY, JANUARY 10, 2018/PAUSHA 20, 1939
ववववााााििििणणणण(cid:5)(cid:5)(cid:5)(cid:5)यययय एएएएवववव ंं ंंउउउउ(cid:11)(cid:11)(cid:11)(cid:11)ोोोोगगगग मममम(cid:15)(cid:15)ंं(cid:15)(cid:15)ंं ााााललललयययय
ववववााााििििणणणण(cid:5)(cid:5)(cid:5)(cid:5)यययय ििििववववभभभभाााागगगग
((((पपपपााााटटटटननननररररोोोोधधधधीीीी एएएएवववव ंं ंंससससबबंंबबंं (cid:27)(cid:27)(cid:27)(cid:27) शशशश(cid:30)(cid:30)(cid:30)(cid:30)ुुुु कककक ममममहहहहााााििििननननददददेशेशेशेशााााललललयययय))))
नई (cid:4)द(cid:6)ली, 10 जनवरी, 2018
अअअअििििधधधधससससचचूूचचूू ननननाााा
((((अअअअििंंििंंततततमममम जजजजााााचचंंचचंं पपपप(cid:12)(cid:12)(cid:12)(cid:12)ररररणणणणाााामममम))))
ििििववववषषषषययययःःःः जजजजाााापपपपाााानननन एएएएवववव ंं ंंककककततततरररर ककककेेेे ममममूलूलूलूल ककककेेेे अअअअथथथथववववाााा ववववहहहहाााा ंं ंंसससस ेे ेेििििननननययययाााािि(cid:26)(cid:26)िि(cid:26)(cid:26)तततततततत ककककाााािििि(cid:27)(cid:27)(cid:27)(cid:27)टटटटकककक ससससोोोोडडडडाााा ककककेेेे आआआआययययाााातततत ककककेेेे ससससबबंंबबंं धधंंधधंं मममम "" ""पपपपााााटटटटननननररररोोोोधधधधीीीी जजजजााााचचचचंंंं ।।।।
फफफफाााा.... सससस..ंं..ंं 11114444////33331111////2222000011115555----डडडडीीीीजजजजीीीीएएएएडडडडीीीी.—जब(cid:4)क अलकाली मे(cid:16)य ुफे(cid:20) चरस(cid:24) एसोिसएशन ऑफ इंिडया (एएमएआई) ने संब(cid:30) सामान(cid:31) के
चार उ!पादक(cid:31) अथा(cid:24)त मैसस(cid:24) डीसीड’(cid:6)यू िलिमटेड, मैसस(cid:24) गुजरात अलकालीज एंड केिमक(cid:6)स िलिमटेड, मैसस(cid:24) ,ािसम इंड./ीज
िलिमटेड और एसआईईएल (िज(cid:16)ह 4 यहां बाद म4 "आवेदक" अथवा "घरेलू उ6ोग" कहा गया ह)ै सिहत काि.टक सोडा के घरेलू
उ!पादक(cid:31) क8 ओर से जापान एवं कतर (िज(cid:16)ह 4 यहां बाद म4 संब(cid:30) दशे भी कहा गया ह)ै के मूल के अथवा वहां से िनया(cid:24)ितत
"काि.टक सोडा" के आयात पर पाटनरोधी शु(cid:6)क लगाए जाने के िलए समय-समय पर यथा संशोिधत सीमा =शु(cid:6)क अिधिनयम,
1975 (िजसे बाद म4 अिधिनयम कहा गया ह)ै और समय-समय पर यथा संशोिधत सीमा =शु(cid:6)क (पाBटत आयात(cid:31) पर पाटनरोधी
शु(cid:6)क क8 जांच, मू(cid:6)यांकन एवं सं,हण तथा Dित के िनधा(cid:24)रण के िलए) िनयमावली, 1995 (िजसे आगे यहां िनयमावली भी कहा
गया ह)ै के अनसु ार िनEदF =ािधकारी (िजसे यहां बाद म4 =ािधकारी भी कहा गया ह)ै के समD आवेदन दायर (cid:4)कया है।
1. जब(cid:4)क, =ािधकारी ने आवेदक Hारा =. ततु पया(cid:24)I साJय के आधार पर भारत के राजपK म4 (cid:4)दनांक 14 अMूबर, 2016 क8
अिधसूचना संN या 14/31/2015-डीजीएडी Hारा अिधसूचना जारी क8 िजसम 4 पाटनरोधी शु(cid:6)क, जो य(cid:4)द लगाया जाता ह,ै क8
रािश क8 िसफाBरश करने के िलए जापान एवं कतर के मूल के अथवा वहां से िनया(cid:24)ितत संब(cid:30) सामान(cid:31) के तथाकिथत पाटन क8
मौजूदगी, उसक8 माKा और =भाव का िनधा(cid:24)रण करने के िलए उपयु(cid:24)M िनयमावली के िनयम 5 के अनुसार संब(cid:30) जांच शुO क8
गई थी जो (cid:4)क घरेलू उ6ोग को Pई Dित को समाQत करने के िलये पया(cid:24)Qत होगी।
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2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
कककक.... ####$$$$%%%%ययययाााा
2. संब(cid:30) जांच के संबंध म4 िनRिलिखत वTणत =(cid:4)Uया अपनाई गई हःै
i. िनEदW ट =ािधकारी को उ(cid:20) त िनयमावली के अनुसार घरेलू उ6ोग क8 ओर से आवेदक(cid:31) से एक िलिखत आवेदन =ाQत
Pआ िजसम4 जापान एवं कतर के मूल के अथवा वहां से िनया(cid:24)ितत काि.टक सोडा के पाटन का आरोप लगाया गया ह।ै
ii. =ािधकारी ने उपयु(cid:24)M िनयम 5 के उपिनयम (5) के अनुसार जांच क8 काय(cid:24)वाही क8 शुOआत करने से पहले पाटनरोधी
आवेदन पK क8 =ािQ त के संबंध म4 भारत म4 ि.थ त संब(cid:30) दशे (cid:31) के दतू ावास(cid:31) को अिधसूिचत (cid:4)कया।
iii. =ािधकारी ने संब(cid:30) दशे (cid:31) से संब(cid:30) सामान(cid:31) के आयात के संबंध म4 पाटनरोधी जांच शुO करते Pए भारत के राजपK
असाधारण म4 =कािशत (cid:4)दनांक 14 अMूबर, 2016 क8 अिधसूचना जारी क8।
iv. भारत म4 संब(cid:30) दशे (cid:31) के दतू ावास को िनयमावली के िनयम 6(2) के अनुसार जांच4 शुO करने के संबंध म4 सूिचत (cid:4)कया
गया था और यह अनुरोध (cid:4)कया गया था (cid:4)क वे िनधा(cid:24)Bरत समय-सीमा के अंतग(cid:24)त =[ावली का उ\र देने के िलए संब(cid:30)
दशे (cid:31) के िनया(cid:24)तक(cid:31)/उ!पादक(cid:31) को सलाह द4।
v. =ािधकारी ने िनयमावली के िनयम 6(4) के अनुसार संब(cid:30) दशे (cid:31) के िनRिलिखत ^ात उ!पादक(cid:31)/िनया(cid:24)तक(cid:31) को संगत
सूचना दने े के िलए िनया(cid:24)तक =[ाविलयां भेज_:
i. असाही कसेई केिमक(cid:6)स कारपो.
ii. पेaो िल.
iii. असाही bलास कंपनी सीमी केिमकल कं. िल.
iv. टोकुयामा कारपो.
v. कतर िविनल कंपनी िल. (cid:20)यूएससी
vi. सcोउ कं. िल.
vii. तोसो ऑगeिनक केिमकल कं. िल.
viii. कनेका कारपो.
vi. उपयु(cid:24)M अिधसूचना के उ\र म4 िनRिलिखत िनया(cid:24)तक(cid:31)/उ!पादक(cid:31) ने िनया(cid:24)तक =[ावली के उ\र =.तुत (cid:4)कए ह:f
i. मैसस(cid:24) असाही gलास कं. िल.
ii. मैसस(cid:24) हीरानायावरणम केिमक(cid:6)स एंड अलकालीज पीटीई िल.
iii. मैसस(cid:24) िम!सुई एंड कं. िल.
iv. मैसस(cid:24) तोसो कारपोरेशन
v. मैसस(cid:24) िशन-इ!सु केिमकल कं. िल.
vi. मैसस(cid:24) कतर िविनल कंपनी ((cid:20)यूवीसी)
vii. मैसस(cid:24) कतर केिमकल एंड पै/ोकेिमकल माकehटग एंड िडि./’यूशन कंपनी (मुंताजाट)
(cid:20)यू.जे.एस.सी.
viii. मैसस(cid:24) B/कोन ओवरसीज इंक.
vii. िनयमावली के िनयम 6(4) के अनुसार =ािधकारी ने भारत म4 संब(cid:30) व.त ु के िनiन िलिखत ^ात आयातक(cid:31)/=यो(cid:20)त ाj
से आवk यक सूचना मंगाने के िलए आयातक =kन ावली भेजीः
i. अभय केिमक(cid:6)स िल.
ii. अरlवद िम(cid:6)स िल.
iii. स4/ल प(cid:6)प िम(cid:6)स िल.
iv. गोजरेज सोपास िल.
v. गुजरात .टेट फmटलाइजर एंड केिमक(cid:6)स िल.
vi. इंिडयन ऑयल कारपो. िल.
vii. lलक फामा(cid:24) िल.
viii. नम(cid:24)दा केमोnयोर पै/ोकेिमक(cid:6)स िल.
ix. पैब केिमक(cid:6)स (पी) िल.
¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3
x. Oबािमन िल.
xi. टोर4ट गुजरात बायोटेक िल.
xii. िबरला सेलुलोज िल.
xiii. दीपक नाइ/ेट िल.
xiv. गुजरात नम(cid:24)दा फmटलाइजर एंड केिमक(cid:6)स िल.
xv. इंिडयन फाम(cid:24)र फmटलाइजर कारपो. िल.
xvi. जेlसथ डाइकेम िल.
xvii. मेघमिण ऑगeिन(cid:20)स िल.
xviii. िनरमा िल.
xix. रामा (cid:16)यूज l=oस एंड पेपस(cid:24) िल.
xx. सबेरो ऑगeिन(cid:20)स िल.
xxi. /ांसपेक िसलो(cid:20)स इंड./ीज िल.
xxii. नेशनल ए(cid:6)युमीिनयम कंपनी िल.
xxiii. िह!सु इंड./ीज िल.
xxiv. अदानी िव(cid:6)मर िल.
xxv. pी रामचंq ./ॉ =ोडकoस िल.
xxvi. दॉराते ऑगeिन(cid:20)स िल.
xxvii. हरीश कुमार एंड कंपनी
xxviii. lहद.ु तान लीवर िल.
xxix. (cid:20)यानीडेस एंड केिमक(cid:6)स कंपनी
xxx. अदानी ए(cid:20)सपोट(cid:24)स(cid:24) िल.
xxxi. िलsा फोiस
xxxii. िबलाग इंड./ीज =ा. िल.
xxxiii. सीजे शाह एंड कं.
xxxiv. lहद.ु तान lलक एंड रेिस(cid:16)स िल.
xxxv. अलकालीज मै(cid:16)युफै(cid:20)चरस(cid:24) एसोिसएशन ऑफ इंिडया
viii. िनRिलिखत आयातक(cid:31)/=योMाj ने आयातक =[ावली के उ\र =.तुत (cid:4)कए ह:f
i. नालको
ii. वेदांता िल.
ix. =ािधकारी ने िनयम 6(7) के अनसु ार, िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा िनरीDण के िलए खुली रखी गई साव(cid:24)जिनक फाइल के
Oप म4 िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा =.तुत साJय का अगोपनीय Oपांतर उपल’ध कराया।
x. अ(cid:16)य सूचना आवkयक समझी गई सीमा तक आवेदक एवं अ(cid:16)य िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) से मांगी गई थी। घरेलू उ6ोग Hारा
(cid:4)दए गए आंकड़(cid:31) का स!यापन जांच के =योजन के िलए आवkयक मानी गई सीमा तक (cid:4)कया गया था।
xi. घरेलू उ6ोग Hारा सामा(cid:16) यतया .व ीकृत लेखाकरण िस(cid:30)ांत(cid:31) (जीएएपी) के आधार पर =.त तु सूचना के आधार पर
भारत म4 संब(cid:30) व. तु क8 अनुकूलतम उ!प ादन लागत और उसे िनTमत करने तथा उसक8 िबU8 करने क8 लागत
िनधा(cid:24)Bरत क8 गई थी ता(cid:4)क इस बात का पता लगाया जा सके (cid:4)क (cid:20)य ा पाटन माTजन से (cid:16)य ूनतर पाटनरोधी शु(cid:6)क घरेलू
उ6ोग को Pई Dित को समाQ त करने के िलए पया(cid:24)Qत होगा। =ािधकारी Hारा एनआईपी का िनधा(cid:24)रण पाटनरोधी
िनयमावली के अनुबंध-III म4 उि(cid:6)लिखत िस(cid:30)ांत(cid:31) के अनुसार (cid:4)कया गया ह।ै
xii. गोपनीय आधार पर िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा दी गई सूचना क8 जांच उनके गोपनीयता के दावे के पया(cid:24)I होने के संबंध
म4 क8 गई। संतुF होने पर इस =ािधकारी ने जहां भी आवkयक Pआ गोपनीयता के दाव(cid:31) को .वीकार (cid:4)कया ह ैऔर इस
=कार क8 सूचना को गोपनीय माना गया ह ै और उसे अ(cid:16)य िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) को नह_ बताया गया है। जहां भी संभव
Pआ, गोपनीय आधार पर सूचना दने े वाले पDकार(cid:31) को िनदशe (cid:4)दया गया ह ै(cid:4)क वे गोपनीय आधार पर दी गई सूचना
का पया(cid:24)I अगोपनीय भाग उपल’ध कराय4और उसे िनयमावली के अनुसार =ािधकारी Hारा रखी गई साव(cid:24)जिनक
फाइल म4 रखा गया है।
4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
xiii. =ािधकारी ने िनयम 6(6) के अनुसार, संगत सूचना मौिखक Oप से =.तुत करने के िलए िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) को अवसर
=दान करने के िलए 22 अग.त, 2017 को मौिखक सुनवाई क8 िजसम4 घरेलू उ6ोग के =ितिनिधय(cid:31) तथा िवरोध करने
वाले िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) ने भाग िलया। घरेलू उ6ोग के =ितिनिधय(cid:31) और िहतब(cid:30) पDकार(cid:31), िज(cid:16)ह(cid:31)ने मौिखक सुनवाई
के समय मौिखक Oप से अपने िवचार =.तुत (cid:4)कए, को सलाह दी गई थी (cid:4)क वे मौिखक Oप से xM िवचार(cid:31) को
िलिखत Oप म4 दायर कर4।
xiv. अंितम जांच पBरणाम जारी करने क8 अंितम तारीख 13 अMूबर, 2017 थी, परंतु क4q सरकार Hारा उसे िनयम
17(1)(क) के अनुसार 13 जनवरी, 2018 तक तीन माह के िलए बढ़ा (cid:4)दया गया।
xv. िनEदF =ािधकारी बदल जाने के कारण तथा माननीय उ|तम (cid:16)यायालय के एटीएमए के मामले म4 िनण(cid:24)य के अनुसार
नए िनEदF =ािधकारी Hारा 30 अMूबर, 2017 को दसू री मौिखक सुनवाई क8 गई थी। िजन पDकार(cid:31) ने दसू री
मौिखक सुनवाई म4 अपने िवचार =.तुत (cid:4)कए थे, उनसे मौिखक Oप से xM िवचार(cid:31) को िलिखत Oप म4 दायर करने के
िलए अनुरोध (cid:4)कया गया था िजसके बाद =!यु\र =.तुत करने के िलए कहा गया था।
xvi. यािचकाकता(cid:24) कंपिनय(cid:31) Hारा दी गई सूचना का आवkयक समझी गई सीमा तक =ािधकारी Hारा स!यापन (cid:4)कया गया
था। आवkयक संशोधन के साथ इस =कार क8 स!यािपत सूचना पर ही, जहां तक लागू था, वत(cid:24)मान अंितम जांच
पBरणाम के =योजन के िलए िव}ास (cid:4)कया गया ह।ै
xvii. यह जांच 1 अ=ैल, 2015 से शुO होकर 31 माच(cid:24), 2016 (जांच क8 अविध) क8 अविध के िलए क8 गई थी। Dित
िव~ेषण के संदभ(cid:24) म4 =वृितय(cid:31) क8 जांच म4 अ=ैल, 2012 – माच,(cid:24) 2013, अ=ैल, 2013 - माच,(cid:24) 2014, अ=ैल, 2014 -
माच,(cid:24) 2015 और जांच क8 अविध (पीओआई) को शािमल (cid:4)कया गया ह।ै
xviii. वािणि(cid:128)यक आसूचना और सांिNयक8य महािनदशे ालय (डीजीसीआईएंडएस) से जांच क8 अविध समेत िपछले तीन वष(cid:130)
के िलए संब(cid:30) व. तु के आयात(cid:31) के ’य ौर(cid:31) क8 (cid:131)य व.थ ा करने का अनुरोध (cid:4)कया गया था। =ािधकारी ने वत(cid:24)मान जांच म 4
डीजीसीआईएंडएस से =ाQ त आयात आकड़(cid:31) पर भरोसा (cid:4)कया है।
xix. वत(cid:24)मान जांच क8 अविध के दौरान िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा (cid:4)कए गए और =ािधकारी Hारा संगत माने गए अनुरोध(cid:31) का
इस अंितम जांच पBरणाम म4 समाधान कर (cid:4)दया गया ह।ै
xx. जहां कह_ (cid:4)कसी िहतब(cid:30) पDकार ने पPचँ से इंकार (cid:4)कया है अथवा अ(cid:16)यथा वत(cid:24)मान जांच के दौरान आवkयक सूचना
=दान नह_ क8 ह ैअथवा जांच म4 काफ8 अड़चन डाली ह,ै वहां =ािधकारी ने ऐसे पDकार(cid:31) को असहयोगी माना ह ैतथा
उपल’ध त(cid:134)य(cid:31) के आधार पर जांच पBरणाम Bरकाड(cid:24) (cid:4)कए हf।
xxi. एक =कटन िववरण 26.12.2017 को जारी (cid:4)कया गया था िजसम4 िनEदF =ािधकारी के िवचाराधीन आवkयक त(cid:134)य
शािमल थे िजसम4 =कटन िववरण पर BटQपिणया,ं य(cid:4)द कोई हो, को =.तुत करने के िलए 04.01.2018 तक का समय
(cid:4)दया गया था। =ािधकारी ने उपयुM Oप से िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) से =ाI =कटन प(cid:135)ात BटQपिणय(cid:31) पर िवचार (cid:4)कया है।
xxii. इस अंितम जाँच पBरणाम म4 *** िचbन (cid:4)कसी िहतब(cid:30) पDकार Hारा गोपनीय आधार पर =.तुत सूचना तथा
िनयमावली के अंतग(cid:24)त =ािधकारी Hारा इस =कार से िवचार (cid:4)कये जाने का 6ोतक ह।ै
xxiii. संब(cid:30) जांच के िलए =ािधकारी Hारा अपनायी गई िविनमय दर 1 अमरीक8 डालर= 65.91 (cid:136)पय ेह।ै
खखखख.... ििििववववचचचचााााररररााााधधधधीीीीनननन उउउउ((((पपपपाााादददद औऔऔऔरररर ससससममममाााानननन वववव(cid:27)(cid:27)(cid:27)(cid:27)तततत ुु ुु
घघघघररररेेेेलललल ूू ूूउउउउ----ोोोोगगगग ककककेेेे ििििववववचचचचाााारररर
3. घरेलू उ6ोग के िवचार िनRिलिखत ह:f
i. वत(cid:24)मान जांच म4 िवचाराधीन उ!पाद सोिडयम हाइ(cid:137)ॉ(cid:20)साइड (रासायिनक नाम NaOH) ह ैिजसे सामा(cid:16)य Oप से सभी
Oप(cid:31) म4 काि.टक सोडा के Oप म4 जाना जाता ह।ै
ii. काि.टक सोडा एक अजैिवक, सोपी, सशM Oप से अलकालीन और गंधहीन रसायन है तथा लुgदी एवं कागज, (cid:16)यूज
l=ट, िव.कस यान(cid:24), .टेपल फाइबर, ए(cid:6)युमीिनयम, कॉटन, टे(cid:20)सटाइल, टॉयलेट और ल(cid:31)(cid:137)ी साबुन, िडटज(cid:138)ट, डाइ.टर,
(cid:137)ग और फामा(cid:24).युBटक(cid:6)स, पै/ोिलयम Bरफाइनhरग आ(cid:4)द के िविनमा(cid:24)ण जैसे िविभc DेK(cid:31) म4 इसका =योग होता ह।ै
काि.टक सोडा का उ!पादन दो Oप(cid:31) अथा(cid:24)त तरल एवं ठोस के Oप म4 तीन =ौ6ोिगक8 =(cid:4)Uयाj अथा(cid:24)त मरकरी सेल
=(cid:4)Uया, डाय(cid:140)ॉम =(cid:4)Uया और मेiबरेन =(cid:4)Uया Hारा (cid:4)कया जाता ह।ै इन तीन =(cid:4)Uयाj म4 अंतर से िविभc
¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5
अिभलDण(cid:31) के संदभ(cid:24) म4 उ!पाद म4 अंतर नह_ होता ह।ै qव Oप को ठोस म4 पBरवTतत (cid:4)कया जा सकता ह ैऔर ठोस Oप
को पुनः उ!पाद के रासायिनक गुणधम(cid:130) म4 (cid:4)कसी पBरवत(cid:24)न के िबना तथा आसानी से qव म4 पBरवTतत (cid:4)कया जा सकता
ह।ै ठोस Oप को आसानी से भंडारण कर सकते हf और पBरवहन भी कर सकते ह f जब(cid:4)क qव Oप म4 आसान
घुलनशीलता होती ह।ै अंितम =योग के िलए दोन(cid:31) Oप(cid:31) को एक-दसू रे के .थान पर तथा एक-दसू रे के बदले =योग
(cid:4)कया जा सकता ह।ै आयात =मुख Oप से (cid:141)लैक Oप म4 आयात क8 बPत कम माKा म4 qव Oप म4 आयात (cid:4)कए जाते ह।f
तथािप, दोन(cid:31) Oप .पF Oप से एक-दसू रे के .थान पर =योग (cid:4)कए जा सकते ह fतथा समान व.तु हf। अतः =ािधकारी ने
िवचाराधीन उ!पाद म4 काि.टक सोडा (qव एवं (cid:141)लैक दोन(cid:31)) के सभी Oप(cid:31) को शािमल (cid:4)कया है।
iii. काि.टक सोडा सीमा शु(cid:6)क शीष(cid:24) 2815.11 एवं 2815.12 के तहत सीमा =शु(cid:6)क अिधिनयम, 1975 के अ(cid:142)याय 28 के
अंतग(cid:24)त वग(cid:143)कृत ह।ै आईटीसी आठ अंक8य वग(cid:143)करण के अनुसार यह उ!पाद सीमा शु(cid:6)क शीष(cid:24) 2815.1110,
2815.1120 और 2815.1200 के तहत वग(cid:143)कृत ह।ै तथािप, यह वग(cid:143)करण केवल संकेता!मक है तथा वत(cid:24)मान जांच के
DेK म4 (cid:4)कसी भी तरह बा(cid:142)यकारी नह_ ह।ै
iv. भारतीय उ6ोग Hारा उ!पा(cid:4)दत काि.टक सोडा और संब(cid:30) दशे से िनया(cid:24)ितत उ!पाद म4 कोई अंतर नह_ ह।ै भारतीय
उ6ोग Hारा उ!पा(cid:4)दत काि.टक सोडा और संब(cid:30) दशे से आयाितत काि.टक सोडा भौितक एवं रासायिनक िवशेषताj,
िविनमाण(cid:24) =(cid:4)Uया एवं =ौ6ोिगक8, =काय(cid:24) एवं =योग, उ!पादन िविशिFय(cid:31), क8मत, िवतरण एवं िवपणन तथा सामान(cid:31)
के =शु(cid:6)क वग(cid:143)करण जैसी अिनवाय(cid:24) उ!पाद िवशेषताj म4 तुलनीय ह।ै उपभोMा दोन(cid:31) का =योग पर.पर पBरवत(cid:24)नीय
Oप से कर सकते हf और कर रह ेहf। दोन(cid:31) तकनीक8 Oप से और वािणि(cid:128)यक Oप से =ित.थापनीय ह।f घरेलू उ6ोग Hारा
उ!पा(cid:4)दत काि.टक सोडा पाटनरोधी िनयमावली के अनुसार संब(cid:30) दशे से आयाितत काि.टक सोडा के समान व.तु
मानी जानी चािहए।
ििििववववररररोोोोधधधधीीीी ििििहहहहततततबबबब//// पपपप0000ककककाााारररर1111 ककककेेेे ििििववववचचचचाााारररर
4. (cid:4)कसी भी आयातक, उपभोMा, िनया(cid:24)तक तथा (cid:4)कसी अ(cid:16)य िहतब(cid:30) पDकार ने िवचाराधीन उ!पाद तथा समान व.तुj के संबंध
म4 कोई BटQपणी अथवा अनुरोध दायर नह_ (cid:4)कए हf।
####ााााििििधधधधककककााााररररीीीी 2222ाााारररराााा जजजजााााचचंंचचंं
5. =ािधकारी नोट करते ह f(cid:4)क भारतीय उ6ोग Hारा उ!पा(cid:4)दत संब(cid:30) सामान(cid:31) और संब(cid:30) दशे (cid:31) से आयाितत संब(cid:30) सामान(cid:31) म4 काफ8
अंतर नह_ है। यहां तक (cid:4)क य(cid:4)द उ!पाद िविभc =(cid:4)Uयाj के मा(cid:142)यम से उ!पा(cid:4)दत (cid:4)कया जाए तो भारतीय उ6ोग Hारा उ!पा(cid:4)दत
संब(cid:30) सामान और संब(cid:30) दशे (cid:31) से आयाितत संब(cid:30) सामान भौितक एवं रासायिनक िवशेषताj, =काय(cid:24) एवं =योग, उ!पाद
िविशिFय(cid:31), क8मत, िवतरण एव िवपणन तथा व.तुj के =शु(cid:6)क वग(cid:143)करण जैसे मानदडं (cid:31) के संदभ(cid:24) म4 तलु नीय ह।f दोन(cid:31) तकनीक8
एवं वािणि(cid:128)यक Oप से =ित.थापनीय ह।f उपभोMा दोन(cid:31) का =योग पर.पर पBरवत(cid:24)नीय Oप से कर रह े हf। (cid:4)कसी भी िवरोधी
िहतब(cid:30) पDकार ने इस संबंध म4 कोई आपि\ नह_ उठाई है। यािचकाकता(cid:24) कंपिनय(cid:31) Hारा उ!पा(cid:4)दत संब(cid:30) सामान पाटनरोधी
िनयमावली के अनुसार संब(cid:30) दशे (cid:31) से आयाितत संब(cid:30) सामान(cid:31) क8 समान व.तु के Oप म4 मानी जा रह ेह।f
गगगग.... घघघघररररेेेेलललल ूू ूूउउउउ----ोोोोगगगग ककककाााा 000033ेे33ेे ततततथथथथाााा आआआआधधधधाााारररर
घघघघररररेेेेलललल ूू ूूउउउउ----ोोोोगगगग ककककेेेे ििििववववचचचचाााारररर
6. घरेलू उ6ोग के DेK एवं आधार के संबंध म4 घरेलू उ6ोग Hारा िनRिलिखत अनुरोध (cid:4)कए गए ह:f
i. आवेदक(cid:31) ने यह तक(cid:24) (cid:4)दया है (cid:4)क घरेलू उ6ोग क8 ि.थित जांच क8 शुOआत क8 अिधसूचना म4 .पF Oप से उि(cid:6)लिखत
क8 गई है (cid:4)क वत(cid:24)मान यािचका एएमएआई Hारा संब(cid:30) सामान(cid:31) के भारतीय उ!पादक(cid:31) क8 ओर से दायर क8 गई है।
संब(cid:30) सामान(cid:31) के चार =मुख उ!पादक(cid:31) अथा(cid:24)त मैसस(cid:24) गुजरात अ(cid:6)कालीज एंड केिमक(cid:6)स िलिमटेड, मैसस(cid:24) डीसीड’(cid:6)यू
िलिमटेड, मैसस(cid:24) ,ािसम इंड./ीज िलिमटेड और मैसस(cid:24) एसईआईएल ने िव~ेषण के िलए आवkयक लागत एवं िव\ीय
सूचना =.तुत क8 ह।ै
ii. (cid:4)कसी भी भागीदार (यािचकाकता(cid:24)) कंपनी ने उ!पाद का आयात नह_ (cid:4)कया ह ै और न ही कोई संब(cid:30) दशे (cid:31) से
िवचाराधीन उ!पाद के (cid:4)कसी आयातक/उ!पादक से संबंिधत ह।f यािचकाकता(cid:24) कंपिनय(cid:31) के उ!पादन म4 भारतीय उ!पादन
6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
म4 =मुख अनुपात ह।ै अतः =ितभागी कंपिनय(cid:31) ने आधार क8 आवkयकता को पूरा (cid:4)कया ह ैतथा पाटनरोधी िनयमावली
के अिभ=ाय से वे घरेलू उ6ोग हf।
ििििववववररररोोोोधधधधीीीी ििििहहहहततततबबबब//// पपपप0000ककककाााारररर1111 ककककेेेे ििििववववचचचचाााारररर
7. घरेलू उ6ोग के DेK एवं आधार के संबंध म4 अ(cid:16)य िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा िनRिलिखत अनुरोध (cid:4)कए गए ह:f
i. घरेलू उ6ोग के वा.तिवक आधार तथा संगठन के संबंध म4 .पFता का कुछ अभाव =तीत होता है। य6िप यह .पF है
(cid:4)क यािचका उ!पादक(cid:31) क8 ओर से एएमएआई Hारा दायर क8 गई थी, तथािप, यह .पF नह_ ह ै (cid:4)क कौन-कौन सी
कंपिनय(cid:31) क8 वत(cid:24)मान म4 Dित एवं घरेलू उ6ोग के मानदडं (cid:31) के संबंध म4 जांच क8 जा रही है। (cid:4)कसी अ6तन सूचना के
अभाव म4 यह माना जाता ह ै(cid:4)क यािचका दायर करने के समय से घरेलू उ6ोग के भागीदार(cid:31) म4 कोई पBरवत(cid:24)न नह_ Pआ
ह ैतथा इसीिलए घरेलू उ6ोग म4 जीएसीएल, डीसीड’(cid:6)यू, ,ािसम और एसएआईएल ह।f
ii. यािचकाकता(cid:24) िवचाराधीन उ!पाद के आयात म4 लगे ह।f जैसा (cid:4)क जीएसीएल क8 वाTषक Bरपोट(cid:24) म4 बताया गया ह,ै
िजसम4 उ(cid:16)ह(cid:31)ने .पF Oप से उ(cid:6)लेख (cid:4)कया ह ै (cid:4)क उ(cid:16)ह(cid:31)ने लगभग *** मी. टन काि.टक सोडा qव का आयात (cid:4)कया और
2015-16 (जांच क8 अविध) क8 अविध के दौरान घरेलू उपभोMाj को उसी का xापार (cid:4)कया।
iii. यह त(cid:134)य (cid:4)क 34 उ!पादक(cid:31) म4 से केवल 10 उ!पादक यािचका का समथ(cid:24)न कर रह े ह,f यह दशा(cid:24)ता है (cid:4)क शेष उ6ोग
जापान से आयात को खतरे के Oप म4 नह_ दखे ते हf और ये उ!पादक कुल घरेलू उ!पादन एवं खपत म4 अपना कुल िह.सा
बढ़ाने म4 सDम रह ेह।f
####ााााििििधधधधककककााााररररीीीी 2222ाााारररराााा जजजजााााचचंंचचंं
8. जांच के िलए आवेदन अलकालीज मै(cid:16)युफै(cid:20)चरस(cid:24) एसोिसएशन ऑफ इंिडया (एएमएआई) Hारा काि.टक सोडा के घरेलू उ!पादक(cid:31)
क8 ओर से दायर (cid:4)कया गया था। आरंिभक तौर पर संब(cid:30) सामान(cid:31) के चार उ!पादक(cid:31) अथा(cid:24)त मैसस (cid:24) डीसीड’(cid:6)यू िलिमटेड,मैसस (cid:24)
गुजरात अ(cid:6)कालीज एंड केिमक(cid:6)स िलिमटेड, मैसस(cid:24) ,ािसम इंड./ीज िलिमटेड और मैसस(cid:24) एसईआईएल, िजनका संब(cid:30) सामान(cid:31)
के घरेलू उ!पादन का लगभग 47.70 =ितशत पर िनयंKण था, ने जापान एवं कतर से तथाकिथत पाटन के िव(cid:136)(cid:30) Dित संबंधी
जांच के =योजन के िलए घरेलू उ!पादक(cid:31) के Oप म4 भाग िलया।
9. यािचकाकता(cid:24) कंपिनय(cid:31) न े घोिषत (cid:4)कया ह ै (cid:4)क वे न तो संब(cid:30) दशे म4 (cid:4)कसी भी िनयात(cid:24) क अथवा उ!पादक से संबंिधत ह fऔर न ही
िवचाराधीन उ!पाद के भारत म4 संब(cid:30) सामान(cid:31) के (cid:4)कसी आयातक से संबंिधत ह।f
10. िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) ने तक(cid:24) (cid:4)दया है (cid:4)क एक यािचकाकता(cid:24) कंपनी मैसस(cid:24) जीएसीएल, िज(cid:16)ह(cid:31)ने जांच क8 अविध म4 संब(cid:30) सामान(cid:31) का
आयात (cid:4)कया ह,ै को िनयम 2(ख) के अनुसार अपाK माना जाना चािहए। त(cid:134)य(cid:31) क8 जांच स े यह .पF Pआ ह ै (cid:4)क चीन जन गण
एवं ईरान से अपया(cid:24)I माKा म4 आयात (cid:4)कए गए थ े जो संब(cid:30) दशे नह_ ह।f इस =कार पाटनरोधी िनयमावली के अनुसार
जीएसीएल को एक पाK घरेलू उ!पादक मानना उपयुM समझा जाता ह।ै
11. जहां तक इस अनुरोध का संबंध है (cid:4)क 34 उ!पादक(cid:31) म4 से केवल 10 उ!पादक(cid:31) ने आवेदन पK =.तुत (cid:4)कया ह,ै =ािधकारी नोट
करते ह f (cid:4)क यािचका एएमएआई Hारा दायर क8 गई ह ै जो (cid:4)क एक एसोिसएशन ह ै और जो सभी 34 घरेलू उ!पादक(cid:31) का
=ितिनिध!व कर रही ह ै िजनम4 से 10 उ!पादक(cid:31) ने आवेदन का .पF Oप से समथ(cid:24)न (cid:4)कया ह ै तथा आंकड़े =दान (cid:4)कए ह।f इसका
अथ(cid:24) यह नह_ लगाया जा सकता (cid:4)क अ(cid:16)य उ!पादक आवेदन का िवरोध कर रह े हf। यािचकाकता(cid:24) कंपिनय(cid:31) Hारा उ!पादन म4 कुल
भारतीय उ!पादन का "=मुख अनुपात" ह।ै
12. इस मामले के कानूनी =ावधान(cid:31) और त(cid:134)य(cid:31) क8 सावधानीपूव(cid:24)क जांच करने के बाद =ािधकारी यह मानते ह f (cid:4)क आवेदक दोन(cid:31)
संब(cid:30) दशे (cid:31) अथा(cid:24)त जापान और कतर के िलए िनयम 2(ख) के अनुसार पाK घरेलू उ6ोग है। आवेदक के उ!पादन का समान व.त ु
के भारतीय उ!पादन म4 =मुख अनपु ात ह।ै अतः =ािधकारी यह िनधा(cid:24)Bरत करते ह f (cid:4)क आवेदक पाटनरोधी िनयमावली के िनयम
2(ख) के अिभ=ाय के अंतग(cid:24)त पाK घरेलू उ6ोग ह ै तथा यह आवेदन उपयु(cid:24)M िनयमावली के िनयम 5(3) के अनुसार आधार के
मानदडं को पूरा करता है।
घघघघ.... ििििववववििििववववधधधध मममम44ुु44ुु ेे ेे
घघघघररररेेेेलललल ूू ूूउउउउ----ोोोोगगगग ककककाााा ििििववववचचचचाााारररर
13. घरेलू उ6ोग के अनुरोध सारभूत Oप से िनRिलिखत ह:f
i. िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) ने जापान के िव(cid:136)(cid:30) यािचका वापस लेने के संबंध म4 अपनी ि.थित बदल दी ह,ै उ(cid:16)ह(cid:31)ने वह मु(cid:145)ा उठाया ह ैिजसे
यािचकाकता(cid:24) ने .वीकार (cid:4)कया ह ैऔर इसीिलए जापान के िव(cid:136)(cid:30) यािचका को वापस िलया। जहा ंतक िनणा(cid:24)यक समीDा जांच का
संबंध ह,ै वह मु(cid:145)ा वत(cid:24)मान जांच के DेK से बाहर ह।ै
ii. जापान के िव(cid:136)(cid:30) आवेदन क8 वापसी से कतर के संबंध म4 यािचका क8 ि.थित =भािवत नह_ होगी। यािचकाकता(cid:24) Hारा दायर
आवेदन पK म4 जापान एवं कतर के संबंध म4 अलग-अलग सूचना थी। एक संब(cid:30) दशे के िव(cid:136)(cid:30) जांच को र(cid:145) करने से जांच क8
शु(cid:136)आत अवैध नह_ हो सकती। जांच क8 शु(cid:136)आत के समय तथा अंितम जांच पBरणाम के चरण पर =ािधकारी के समD त(cid:134)य बदल
¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 7
सकते ह।f (cid:4)कसी भी पDकार को कोई पूवा(cid:24),ह नह_ Pआ ह ै(cid:20)य(cid:31)(cid:4)क िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) को दोन(cid:31) दशे (cid:31) क8 सूचना अलग-अलग दी गई
ह ै और उनके पास खुद कतर के कारण घरेलू उ6ोग को Dित के संबंध म4 BटQपणी करने के िलए पया(cid:24)I समय है। कुछ जांच म4
िनEदF =ािधकारी कुछ आयात(cid:31) को अपाBटत मान सकते ह f तथा उसे Dित िव~ेषण के िलए अलग कर सकते हf। तथािप, उससे
जांच क8 शुOआत अथवा जांच अथवा िनधा(cid:24)रण र(cid:145) नह_ हो जाता।
iii. न ही घरेलू उ6ोग और न ही िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) को =.तािवत िनर.तीकरण के संबंध म4 उनके िवचार दने े के िलए अवसर (cid:4)दया
गया और न ही वापसी को र(cid:145) करने का िनण(cid:24)य िनयम(cid:31) के अनुOप ह।ै यह पूण(cid:24)तया अ.पF ह ै(cid:4)क (cid:20)या िनEदF =ािधकारी िहतब(cid:30)
पDकार(cid:31) को अवसर =दान (cid:4)कए िबना और यािचकाकता(cid:24)/घरेलू उ6ोग को कारण बताओ नोBटस जारी (cid:4)कए िबना
अनुरोध/आवेदन को र(cid:145) अथवा .वीकार कर सकते ह।f
iv. िनयम 14 म4 "ग" तथा "त!काल ही" श’द का =योग (cid:4)कया गया ह,ै उपयु(cid:24)M िनयम म4 कोई समय-सीमा िनधा(cid:24)Bरत नह_ क8 गई है
िजसके अंतग(cid:24)त घरेलू उ6ोग यािचका को वापस ले सकता ह।ै व.तुतः यािचकाएं यूरोप म4 =कटन िववरण जारी (cid:4)कए जाने के बाद
नेमी Oप से वापस क8 जाती ह।f इसी =कार, अमेBरक8 कानून म4 यह =ावधान ह ै (cid:4)क समीDा अनुरोध यािचकाकता(cid:24) Hारा तभी
वापस िलया जा सकता है जब िनया(cid:24)तक ने =[ावली का उ\र दायर कर (cid:4)दया हो। इस =कार यह नह_ कहा जा सकता (cid:4)क
मौिखक साJय के बाद यािचका क8 वापसी िवलंब के .तर पर है। यह भी नह_ कहा जा सकता (cid:4)क आयोिजत मौिखक सुनवाई
िवलंब से Pई ह।ै
v. संब(cid:30) सामान(cid:31) का पाटन करने वाले बPत से दशे वैि}क मांग आपूTत के अंतराल के कारण ह ैऔर व.तुतः यह दशा(cid:24)ते ह f(cid:4)क घरेलू
उ6ोग क8 ि.थित पाटन के िलए सभु े6 ह।ै इसके अितBरM, उ\रदाता को अपने तक(cid:130) को त(cid:134)य(cid:31) तक सीिमत रखना चािहए, न (cid:4)क
अटकलबाजी पर। इसम4 यह उ(cid:6)लेख करने क8 आवkयकता थी (cid:4)क ऐसे कौन से कारक ह f जो घरेलू उ6ोग को Dित पPचँ ा रह े ह f
तथा यह मानते Pए भी (cid:4)क पाBटत आयात(cid:31) को छोड़कर ऐसे अ(cid:16)य कारक भी हf, यह दशा(cid:24)या जाना चािहए (cid:4)क कारक ऐसा ह ैजो
संब(cid:30) दशे से पाटन तथा घरेलू उ6ोग को Pई Dित के बीच कारणा!मक संपक(cid:24) को तोड़ता ह।ै
ििििववववररररोोोोधधधधीीीी ििििहहहहततततबबबब//// पपपप0000ककककाााारररर1111 ककककेेेे ििििववववचचचचाााारररर
14. िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) ने वत(cid:24)मान जांच के संबंध म4 कई मु(cid:145)े उठाए ह fिजनम4 घरेलू उ6ोग Hारा अपनी यािचका म4 अपनाए गए पाटन
िनधा(cid:24)रण के िस(cid:30)ांत और उनके Dित दावे शािमल हf। य6िप पाटन एव ं Dित िनधा(cid:24)रण से संबंिधत मु(cid:145)े इस जांच पBरणाम म4
उपयुM .थान(cid:31) पर ले िलए गए ह,f तथािप, जांच म4 पDकार(cid:31) Hारा उठाए गए सामा(cid:16)य मु(cid:145)(cid:31) क8 संगत सीमा तक िनRिलिखत Oप
म4 जांच क8 गई है। संिDIता क8 दिृF से पDकार(cid:31) के अनुरोध और उनम4 उठाए गए मु(cid:145)े सारभूत Oप से िनRिलिखत Oप म4 ह:f
i. कुछ िनया(cid:24)तक(cid:31) ने मांग क8 (cid:4)क जापान के िव(cid:136)(cid:30) वत(cid:24)मान जांच र(cid:145) क8 जानी चािहए (cid:20)य(cid:31)(cid:4)क घरेलू उ6ोग ने पाटनरोधी
िनयमावली के िनयम 14 के अनुसार जापान से आयात(cid:31) के संबंध म4 अपने (cid:4)दनांक 24 अग.त, 2017 के पK Hारा
अपना आवेदन वापस ले िलया है।
ii. कुछ िनया(cid:24)तक(cid:31) ने यह उ(cid:6)लेख (cid:4)कया ह ै (cid:4)क आवेदन क8 वापसी क8 अनुमित नह_ दी जानी चािहए और यह (cid:4)क वापसी
इसिलए क8 गई है (cid:20)य(cid:31)(cid:4)क घरेलू उ6ोग को नकारा!मक पाटन एवं नकारा!मक Dित का डर है।
iii. इसके अितBरM, जापान के िव(cid:136)(cid:30) िनणा(cid:24)यक समीDा जांच शुO नह_ क8 जानी चािहए (cid:20)य(cid:31)(cid:4)क घरेलू उ6ोग Hारा दायर
आवेदन के आधार पर तथा इस बात को म(cid:145)ेनजर रखते Pए भी (cid:4)क संयुM रा(cid:128)य अमेBरका, ईरान और सऊदी अरब के
आयात(cid:31) के िव(cid:136)(cid:30) एमटीआर जांच म4 =ािधकारी ने .पF Oप से पूव(cid:24) जांच म4 शु(cid:6)क क8 "शू(cid:16)य" दर लेने वाले दशे के Oप
म4 जापान को अलग करना नोट (cid:4)कया था, जापान से काि.टक सोडा के आयात के संबंध म4 नए िसरे स ेपाटनरोधी जांच
शुO क8 थी। इस =कार यह .पF ह ै (cid:4)क घरेलू उ6ोग तथा =ािधकारी का यह मत था (cid:4)क जापान के संबंध म4 कोई
मौजूदा शु(cid:6)क नह_ ह,ै िवरोध का कोई .तर अब जापान के िव(cid:136)(cid:30) समीDा जांच शुO कर नह_ िलया जा सकता।
iv. डीसीड’(cid:6)यू ने अपना आवेदन वापस ले िलया ह ैतथा कतर से आयात(cid:31) पर वत(cid:24)मान जांच का अपने (cid:4)दनाकं 14 (cid:4)दसंबर,
2016 के पK Hारा समथ(cid:24)न (cid:4)कया ह।ै इस =कार, घरेलू उ6ोग का आधार .पF (cid:4)कया जाना चािहए। य(cid:4)द घरेलू
उ!पादक(cid:31) म4 कोई पBरवत(cid:24)न Pआ ह ैजो (cid:4)क यािचका का समथन(cid:24) करते ह,f तो =पK-IV क और =पK-IV ख म4 नए आंकड़े
(cid:4)दए जाने चािहए। चूं(cid:4)क घरेलू उ6ोग के संगठन म4 पBरवत(cid:24)न से पूरे Dित िव~ेषण म4 संभािवत Oप से पBरवत(cid:24)न आ
सकता ह,ै अतः इस =कार के (cid:4)कसी भी पBरवत(cid:24)न म4 उनके िहत(cid:31) क8 रDा के िलए िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) को पया(cid:24)I अवसर
दने े के िलए नए िसरे से सुनवाई होनी चािहए।
v. यािचकाकता(cid:24)j ने अमBे रक8 डॉलर म4 पPचँ मू(cid:6)य भी शािमल (cid:4)कया ह ै जो (cid:4)क .पF Oप से वह मुqा नह_ ह ै िजसम4 (cid:4)क
कोई भी भारतीय Uेता =चालन करता हो, इसे क8मत म4 कमी दशा(cid:24)ने के िलए (cid:4)कया गया ह।ै
vi. यािचकाकता(cid:24) पया(cid:24)I सूचना दने े म4 िवफल रह े ह f अथवा उ(cid:16)ह(cid:31)ने यािचकाकता(cid:24)j Hारा िवचाराधीन उ!पाद के आयात,
क8मत कटौती तथा Dित संबंधी आकं ड़(cid:31) के संबंध म4 अनुिचत सूचना एवं आंकड़े =दान (cid:4)कए हf।
vii. जापान को जांच के DेK से हटाने से पूरी जांच िनWफल हो गई ह ै(cid:20)य(cid:31)(cid:4)क जांच क8 शुOआत के समय कतर के िलए (cid:4)कया
गया .वतंK मू(cid:6)यांकन कभी नह_ था।
8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
####ााााििििधधधधककककााााररररीीीी 2222ाााारररराााा जजजजााााचचंंचचंं
15. िविभc अनुरोध(cid:31) क8 िनRिलिखत Oप म4 जांच क8 गई हःै
i. िनयमावली 1995 के िनयम 14क म4 यह उ(cid:6)लेख ह ै(cid:4)कः
जांच का िनर(cid:10)तीकरणः िन(cid:15)द(cid:17) (cid:18)ािधकारी एक साव(cid:23)जिनक सूचना जारी करके त(cid:26)काल ही जांच को र(cid:30) कर(cid:31)गे, य#द –
(क) उसे उस (cid:18)भािवत घरेलू उ)ोग से या उनक* ओर से ऐसा करने के िलए िलिखत म(cid:31) (cid:18)ा/ हो िजनके कहने पर जांच शु3 क*
गई थी;
ii. यहां िनयम को सामा(cid:16)य Oप से पढ़ने पर यह दशा(cid:24)ता ह ै(cid:4)क घरेलू उ6ोग सम, Oप से जांच क8 शुOआत के बाद जांच िवशेष
को समाI करने के िलए अनुरोध कर सकता है। तथािप, वत(cid:24)मान मामले म4 एसोिसएशन ने चार यािचकाकता(cid:24) कंपिनय(cid:31) क8
ओर से आवेदन दायर (cid:4)कया था िज(cid:16)ह 4 दो दशे (cid:31) के िव(cid:136)(cid:30) जांच शुO करने के िलए =ािधकार Hारा िनयमावली के िनयम
2(ख) और 5(3) के अनुसार घरेलू उ6ोग के Oप म4 घोिषत (cid:4)कया गया था। उसके बाद, एसोिसएशन ने एक संब(cid:30) दशे
अथा(cid:24)त जापान के िव(cid:136)(cid:30) आवेदन क8 वापसी के िलए अनुरोध (cid:4)कया था, परंतु दसू रे दशे अथा(cid:24)त कतर के िव(cid:136)(cid:30) जारी रखा।
उसके बाद एक यािचकाकता(cid:24) कंपनी ने सूिचत (cid:4)कया (cid:4)क वे एक संब(cid:30) दशे अथा(cid:24)त कतर के िव(cid:136)(cid:30) आवेदन वापस लेना चाह4गे।
ऐसा =तीत होता ह ै (cid:4)क ये अनुरोध िबना (cid:4)दमाग लगाए (cid:4)कए जा रहे ह।f जांच क8 शुOआत के बाद यह आवेदक(cid:31) क8 सनक
पर नह_ हो सकता जो उन जांचकता(cid:24) दशे (cid:31) को चुन4 िजनके िव(cid:136)(cid:30) जाचं जारी रखने अथवा र(cid:145) (cid:4)कए जाने क8 आवkयकता ह।ै
इस =कार, जापान के िव(cid:136)(cid:30) एएमएआई Hारा वापसी के अनुरोध को र(cid:145) माना गया है। =ािधकारी ने जांच आगे बढ़ाने का
िनण(cid:24)य िलया ह ै और उपल’ध सूचना के आधार पर तथा यथा संभव सीमा तक स!यािपत सूचना के आधार पर िनWकष(cid:24)
िनकालने का िनण(cid:24)य िलया ह।ै
iii. जहां तक डीसीड’(cid:6)यू Hारा कतर के िव(cid:136)(cid:30) आवेदन क8 वापसी के म(cid:145)ु े का संबंध ह,ै =ािधकारी नोट करते ह f (cid:4)क कई दशे (cid:31) के
िव(cid:136)(cid:30) पाटनरोधी जांच क8 शुOआत के बाद यािचकाकता(cid:24) गलत ढंग से अथवा चुlनदा Oप से xवहार करना शुO नह_ कर
सकता, अतः आवेदन को वापस लेने अथवा उस संब(cid:30) दशे िवशेष के िव(cid:136)(cid:30) समथ(cid:24)न करने क8 इnछा नह_ रख सकता िजसका
(cid:4)क उसने पहले मूल से समथ(cid:24)न (cid:4)कया हो। वे पूरे आवेदन पK को वापस लेकर पूरी काय(cid:24)वाही क8 समािI के िलए आवेदन
करने का िनण(cid:24)य ले सकते ह,f अतः उनका यह वापस लेना चुlनदा होने के बजाए (cid:128)यादा िव}सनीय लगता ह ैतथा उनका यह
आवेदन वापस लेना सनक8 और पDपातपूण(cid:24) लगता ह।ै यािचकाकता (cid:24) का आधार (cid:4)कसी भी पाटनरोधी जांच क8 आधारभूत
आवkयकता होता ह ै तथा व े अधर म4 नह_ रह सकते और वे आधा मन इधर और आधा मन उधर नह_ रख सकते। य(cid:4)द कोई
यािचकाकता(cid:24) आवेदन पK को वापस लेना चाहता ह ै तो िनयमावली के िनयम 14(क) के अनुसार पूरा आवेदन पK वापस
िलए जाने क8 आवkयकता है।
iv. जहां तक िनया(cid:24)तक(cid:31) के इस तक(cid:24) का संबंध ह ै(cid:4)क जापान के िव(cid:136)(cid:30) वत(cid:24)मान जांच घरेलू उ6ोग Hारा जापान के िव(cid:136)(cid:30) जांच क8
वापसी के अनुसरण म4 र(cid:145) क8 जानी चािहए, =ािधकारी यह पाते हf (cid:4)क यह तक(cid:24) उपयु(cid:24)M पैरा म4 .पF (cid:4)कए गए अनुसार सही
नह_ ह।ै (cid:4)कसी भी दशा म4 =ािधकारी ने अपने (cid:4)दनांक 01 िसतंबर, 2017 के पK Hारा अपनी ि.थित पहले ही सूिचत कर दी
ह ै (cid:4)क जांच के इस िवलंिबत .तर पर जापान के िव(cid:136)(cid:30) जांच को र(cid:145) करना उिचत नह_ ह।ै यह पK िनयम 6(7) के अनुसार
सभी िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) के िनरीDण के िलए साव(cid:24)जिनक फाइल म4 रख (cid:4)दया गया ह।ै
v. जहां तक =ािधकारी Hारा अलग से क8 गई समीDा जांच से जापान को अलग (cid:4)कए जाने से संबंिधत तक(cid:24) का संबंध है, उसे
सऊदी अरब और संयुM रा(cid:128)य अमेBरका के िव(cid:136)(cid:30) (cid:4)दनांक 20 नवंबर, 2017 क8 एसएसआर जांच क8 शुOआत संबंधी
अिधसूचना 7/16/2017-डीजीएडी अिधसूिचत कर पहले ही .पF कर (cid:4)दया गया है।
vi. जहां तक इस तक(cid:24) का संबंध ह ै (cid:4)क घरेलू उ6ोग Hारा दायर यािचका गलत आंकड़(cid:31) पर आधाBरत ह,ै =ािधकारी यह पाते हf
(cid:4)क (cid:4)दया गया यह तक(cid:24) िस(cid:30) नह_ ह।ै (cid:4)कसी भी दशा म4 यह उ(cid:6)लेखनीय ह ै(cid:4)क =ािधकारी ने घरेलू उ6ोग Hारा =.तुत साJय
के संबंध म4 पूण(cid:24)तः संतुF होने के बाद जांच शुO क8 थी और वह जांच शुO करने के औिच!य के िलए पया(cid:24)I था। =ािधकारी न े
उन आंकड़(cid:31)/सूचना क8 पBरशु(cid:30)ता एवं पया(cid:24)Iता के संबंध म4 भी .वयं को संतुF कर िलया था जो िनयम 5 के अनुसार जांच
शुO करने के िलए आवkयक थी। अतः =ािधकारी िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा (cid:4)कए गए इस अनुरोध म4 कोई औिच!य नह_ पाते।
vii. जहां तक अमेBरक8 डॉलर के =योग के मु(cid:145)े का संबंध ह,ै =ािधकारी का यह मत ह ै (cid:4)क अमBे रक8 डॉलर म4 पPचँ मू(cid:6)य मानक
पBरपाटी के अनुसार ह।ै अमेBरक8 डॉलर माप क8 एक यूिनट ह ै (cid:20)य(cid:31)(cid:4)क यह वैि}क Oप से .वीकृत मुqा ह।ै इस =कार के
पBरवत(cid:24)न से यािचकाकता(cid:24) को कोई अनुिचत लाभ नह_ है। =ािधकारी ने इस िव~ेषण के िलए डीजीसीआईएंडएस के आंकड़(cid:31)
पर िव}ास (cid:4)कया ह।ै
ङङङङ.... गगगगोोोोपपपपननननीीीीययययतततताााा सससस ेे ेेससससबबंंबबंं ििंंििंंधधधधतततत मममम44ुु44ुु ेे ेे
घघघघररररेेेेलललल ूू ूूउउउउ----ोोोोगगगग ककककेेेे ििििववववचचचचाााारररर
16. घरेलू उ6ोग Hारा (cid:4)कए गए अनुरोध िनRिलिखत ह:f
गोपनीयता के संबंध म4 घरेलू उ6ोग Hारा कोई अनुरोध नह_ (cid:4)कया गया ह।ै
¹Hkkx Iµ[k.M 1º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9
ििििववववररररोोोोधधधधीीीी ििििहहहहततततबबबब//// पपपप0000ककककाााारररर1111 ककककेेेे ििििववववचचचचाााारररर
17. गोपनीयता के संबंध म4 वत(cid:24)मान जाचं क8 अविध के दौरान उ!पादक(cid:31)/िनया(cid:24)तक(cid:31)/ आयातक(cid:31)/अ(cid:16)य िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा (cid:4)कए गए
तथा =ािधकारी Hारा संगत माने गए िविभc अनुरोध िनRिलिखत ह:f
i. यह यािचका अ!यिधक गोपनीयता से =भािवत ह।ै यािचका म4 सम(cid:4)े कत Dित आंकड़(cid:31) के संबंध म4 पूरी तरह से कोई सूचना नह_ दी
गई ह।ै यािचकाकता(cid:24) ने उस आईएचएस रासायिनक Bरपोट(cid:24) म4 अ!यिधक गोपनीयता का दावा (cid:4)कया है िजस पर जापान के िलए
सामा(cid:16)य म(cid:6)ू य के पBरकलन हते ु िव}ास (cid:4)कया गया ह।ै
ii. यािचकाकता(cid:24) गोपनीय आंकड़(cid:31) के xवहार के संबंध म4 शत(cid:130) का पालन करने म4 िवफल रह ेह।f
iii. यािचकाकता(cid:24)j ने यािचका म4 िनिहत अिनवाय(cid:24) आंकड़(cid:31) के अगोपनीय सार, िवशेष Oप से घरेलू उ6ोग क8 लागत के संबंध म4
अथवा सामा(cid:16)य मू(cid:6)य के पBरकलन के संबंध म4 (यािचका के अनुबंध-3.1क और अनुबंध-3.1ख) इन आंकड़(cid:31) का सार िनकालने क8
असंभावना का औिच!य (cid:4)दए िबना =दान (cid:4)कए हf।
iv. यािचकाकता(cid:24) (cid:4)कसी औिच!य के िबना यािचका म4 िनिहत अिधकतर आंकड़(cid:31) का (cid:148)ोत बताने म4 िवफल रहे। (cid:148)ोत(cid:31) को =कट न
करना भी गोपनीय xवहार =ावधान(cid:31) का उ(cid:6)लंघन ह।ै इससे भी यािचका का समथ(cid:24)न करने वाले आंकड़(cid:31) क8 पBरशु(cid:30)ता पर
अितBरM संदहे बन जाता ह।ै य(cid:4)द यािचकाकता(cid:24)j के पास पाटन, Dित और कारणा!मक संपक(cid:24) क8 मौजूदगी के पया(cid:24)I साJय थ े
तो उ(cid:16)ह 4आवेदन पK के अगोपनीय पाठ म4 उ(cid:16)ह(cid:31)ने इस साJय को =कट (cid:4)कया होता।
####ााााििििधधधधककककााााररररीीीी 2222ाााारररराााा जजजजााााचचंंचचंं
18. =ािधकारी ने िनयम 6(7) के अनुसार िनरीDण के िलए िविभc िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा =.तुत साJय(cid:31) के अगोपनीय (cid:136)पांतरण स े
युM साव(cid:24)जिनक फाइल के मा(cid:142)यम से सभी िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) को िविभc िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा दी गई सूचना का अगोपनीय
(cid:136)पांतरण उपल’ध कराया।
19. सूचना क8 गोपनीयता के संबंध म 4पाटनरोधी िनयमावली के िनयम 7 म4 िनRिलिखत =ावधान हःै
"गोपनीय सूचना"
(1) िनयम 6 के उपिनयम5 (2), (3) और (7), िनयम 12 के उपिनयम (2), िनयम 15 के उपिनयम (4) और िनयम 17
के उपिनयम (4) म(cid:31) अंत7व(cid:17) #कसी बात के होते 9ए भी जांच क* (cid:18)#:या म(cid:31) िनयम 5 के उपिनयम (1) के अंतग(cid:23)त (cid:18)ा/
आवेदन5 के (cid:18)ितयां या #कसी प=कार >ारा गोपनीय आधार पर िन(cid:15)द(cid:17) (cid:18)ािधकारी को (cid:18)(cid:10)तुत #कसी अ?य सूचना के
संबंध म(cid:31) िन(cid:15)द(cid:17) (cid:18)ािधकारी उसक* गोपनीयता से संतु(cid:17) होने पर उस सूचना को गोपनीय मान(cid:31)गे और ऐसी सूचना दने े
वाले प=कार से (cid:10)प(cid:17) (cid:18)ािधकार के िबना #कसी अ?य प=कार को ऐसी #कसी सूचना का (cid:18)कटन नहB कर(cid:31)गे।
(2) िन(cid:15)द(cid:17) (cid:18)ािधकारी गोपनीय अिधकारी पर सूचना (cid:18)(cid:10)तुत करने वाले प=कार5 से उसका अगोपनीय सारांश (cid:18)(cid:10)तुत
करने के िलए कह सकते ह D और य#द ऐसी सूचना (cid:18)(cid:10)तुत करने वाले #कसी प=कार क* राय म(cid:31) उस सूचना का सारांश
नहB हो सकता ह ै तो वह प=कार िन(cid:15)द(cid:17) (cid:18)ािधकारी को इस बात के कारण संबंधी िववरण (cid:18)(cid:10)तुत करेगा #क सारांश
करना संभव Gय5 नहB है।
(3) उप िनयम (2) म(cid:31) िनिहत #कसी बात को होते 9ए भी य#द िन(cid:15)द(cid:17) (cid:18)ािधकारी इस बात से संतु(cid:17) हो #क गोपनीयता
के िलए अनुरोध ?यायसंगत नहB अथवा सूचना (cid:18)दाता सूचना को साव(cid:23)जिनक करने अथवा इसको सामा?य तौर पर
अथवा संि=/ 3प म(cid:31) उसे (cid:18)कट करने के िलए अिनJछुक हो, तो ऐसी सूचना क* उपे=ा क* जा सकती है।
20. पाटनरोधी के संबंध म4 ड’(cid:6)यूटीओ करार म4 सूचना क8 गोपनीयता के संबंध म4 िनRिलिखत =ावधान हःै
"अनुJछेद 6.5 कोई भी सूचना जो (cid:18)कृित म(cid:31) गोपनीय ह ै(उदाहरण के िलए, Gय5#क उसके (cid:18)कटन से (cid:18)ित(cid:10)पOP को काफ* (cid:18)ितशत
लाभ होगा अथवा Gय5#क उसके (cid:18)कटन से सूचना (cid:18)दान करने वाले RिS पर काफ* (cid:18)ितकूल (cid:18)भाव पड़ेगा अथवा उस RिS पर
(cid:18)ितकूल (cid:18)भाव पड़ेगा िजससे उस RिS ने सूचना (cid:18)ा/ क* ह)ै , अथवा जो #कसी जांच म(cid:31) एक प=कार >ारा गोपनीय आधार पर
दी गई ह,ै 28 म(cid:31) #दखाए गए अJछे कारण पर (cid:18)ािधकारी >ारा उस (cid:18)कार से माना जाएगा। इस (cid:18)कार क* सूचना उसे (cid:18)(cid:10)तुत
करने वाले प=कार क* िवशेष अनुमित के िबना (cid:18)कट नहB क* जाएगी।
10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART I—SEC. 1]
अनुJछेद 6.5.1 (cid:18)ािधकारी को गोपनीय सूचना (cid:18)दान करने वाले िहतबO प=कार5 को उसके अगोपनीय सारांश क* आवYयकता
होगी। ये सारांश िवZास म(cid:31) (cid:18)(cid:10)तुत सूचना के साथ क* पया(cid:23)/ समझ के अनुमित दने े के िलए पया(cid:23)/ \यौरे म(cid:31) होगी। अपवाद(cid:10)व3प
प]रि(cid:10)थितय5 म(cid:31) ऐस े प=कार यह दशा(cid:23) सकते ह D #क वह सूचना अित संवेदनशील नहB ह।ै ऐसी अपवाद(cid:10)व3प प]रि(cid:10)थितय5 म(cid:31)
कारण5 का एक िववरण #दया जाना चािहए #क सारांश संभव Gय5 नहB ह।ै
अनुJछेद 6.5.2 य#द (cid:18)ािधकारी यह पाते ह D #क गोपनीयता के िलए अनुरोध आवYयक नहB ह D और य#द सूचना का आपू7तकता (cid:23)
सूचना को या तो साव(cid:23)जिनक नहB करना चाहता या सामा?यकृत 3प म(cid:31) अथवा सारांश 3प म(cid:31) उसे (cid:18)कट करने के िलए (cid:18)ािधकृत
करना चाहता है तो (cid:18)ािधकारी तब तक उस सूचना को मह(cid:26)व नहB द(cid:31)गे जब तक #क वो उपयुS ^ोत5 से उनक* संतुि(cid:17) न हो जाए
#क सूचना सही ह।ै
अनुJछेद 6.5.2 क* पाद]ट_पणी (पाटनरोधी संबंधी ड\aयूटीओ करार क* पाद]ट_पणी 18) म(cid:31) िनbिलिखत (cid:18)ावधान हःै- सद(cid:10)य
सहमत ह D#क गोपनीयता के िलए अनुरोध (cid:10)वेJछाचारी 3प से र(cid:30) नहB #कए जाने चािहए।"
21. गोपनीय आधार पर िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) Hारा दी गई सूचना क8 जांच उनके दाव(cid:31) के औिच!य के संबंध म4 तथा माननीय उ|तम
(cid:16)यायालय के िनव(cid:24)चन के अनुसार कानून के िवशेष =ावधान(cid:31) के संबंध म4 क8 गई। संतुF होने पर =ािधकारी ने जहां भी जOरी थी,
गोपनीयता के दाव(cid:31) को .वीकार (cid:4)कया ह ै और वह सूचना गोपनीय मानी गई ह ै तथा अ(cid:16)य िहतब(cid:30) पDकार(cid:31) को =कट नह_ क8
गई है। जहां भी संभव Pआ ह,ै गोपनीय आधार पर सूचना =दान करने वाले पDकार(cid:31) को िनदशe (cid:4)दया गया था (cid:4)क वे गोपनीय
आधार पर दायर सूचना के पया(cid:24)I अगोपनीय (cid:136)पातं र =दान कर4। =ािधकारी ने साव(cid:24)जिनक फाइल के Oप म4 िविभc िहतब(cid:30)
पDकार(cid:31) Hारा =.तुत साJय(cid:31) के अगोपनीय Oपांतर उपल’ध कराए।
चचचच.... ससससााााममममाााा5555यययय मममम66ूू66ूू यययय,,,, ििििननननययययाााातत(cid:26)(cid:26)तत(cid:26)(cid:26) कककक8888ममममतततत औऔऔऔरररर पपपपााााटटटटनननन ममममाााा9999जजजजनननन ककककाााा ििििननननधधधधाााारर(cid:26)(cid:26)रर(cid:26)(cid:26) णणणण
ससससााााममममाााा5555यययय मममम66ूू66ूू यययय
22. सामा(cid:16)य म(cid:6)ू य से संबंिधत =ावधान अिधिनयम क8 धारा 9क(1)(ग) तथा पाटनरोधी िनयमावली के अनुबंध-I म4 (cid:4)दए गए हf।
23. =ािधकारी ने संब(cid:30) दशे (cid:31) म4 उ!पादक(cid:31)/िनया(cid:24)तक(cid:31) Hारा संब(cid:30) सामान(cid:31) क8 कुल घरेलू िबU8 के ’यौर(cid:31) तथा इस त(cid:134)य (cid:4)क वे भारत म4
संब(cid:30) सामान(cid:31) के िनयात(cid:24) क8 तुलना (cid:4)कए जाने पर =ितिनिध कारक थे, क8 जांच क8। इस बात क8 जांच क8 गई (cid:4)क (cid:20)या िबU8
पाटनरोधी िनयमावली के अनुबंध-I के पैरा 2 के अनुसार xापार क8 सामा(cid:16)य अविध म4 Pई हf। जब कभी उ!पादक(cid:31)/िनया(cid:24)तक(cid:31) ने
घरेलू बाजार म4 क8 गई िबU8 के लेन-दने वार ’यौरे (cid:4)दए हf और उ(cid:16)ह 4 =ािधकारी Hारा .वीकार (cid:4)कया गया ह ै तो उपयु(cid:24)M उस
सूचना पर घरेलू बाजार म4 बेचे गए संब(cid:30) सामान(cid:31) के सामा(cid:16)य मू(cid:6)य के िनधा(cid:24)रण के िलए िव}ास (cid:4)कया गया ह।ै
24. =ािधकारी ने संब(cid:30) दशे (cid:31) से ^ात िनया(cid:24)तक(cid:31) को =[ावली भेजी और उ(cid:16)ह 4यह सलाह दी (cid:4)क वे िनधा(cid:24)Bरत =पK एवं तरीके से सचू ना
=दान कर4। संब(cid:30) दशे (cid:31) के िनRिलिखत उ!पादक(cid:31) और िनया(cid:24)तक(cid:31) ने िनधा(cid:24)Bरत =[ावली के उ\र दायर (cid:4)कएः
i. मैसस(cid:24) असाही gलास कं. िल.
ii. मैसस(cid:24) हीरानारायवरणम केिमक(cid:6)स एंड अलकालीज पीटीई िल.
iii. मैसस(cid:24) िम!सुई एंड कं. िल.
iv. मैसस(cid:24) तोसो कारपोरेशन
v. मैसस(cid:24) िशन-इ!सु केिमकल कं. िल.
vi. मैसस(cid:24) कतर िविनल कंपनी ((cid:20)यूवीसी)
vii. मैसस(cid:24) कतर केिमकल एंड पै/ोकेिमकल माकehटग एंड िडि./’यूशन कंपनी (मुंताजाट) (cid:20)यू.जे.एस.सी.
viii. मैसस(cid:24) B/कोन ओवरसीज इंक.
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25. घरेलू उ6ोग Hारा (cid:4)कए गए अनुरोध िनRिलिखत ह:f
i. जापान के मामले म4 सामा(cid:16)य मू(cid:6)य आईएचएस केिमकल (gलोबल (cid:20)लोर-अलकाली) मािसक =काशन म4 =कािशत
काि.टक सोडा क8 दर(cid:31) के अनुसार िनधा(cid:24)Bरत (cid:4)कए गए ह।f